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बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा

बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा

 

बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का नया अध्याय: राहुल गांधी–तेजस्वी यादव

ताज़ा अपडेट (August 24, 2025 तक)

 

मुख्य बातें:

 

क्या है ‘वोटर अधिकार यात्रा’?

बिहार की राजनीति में इस समय सबसे चर्चित अभियान बन चुकी है राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’। यह यात्रा 17 अगस्त 2025 से शुरू हुई है और इसका मुख्य उद्देश्य है—बिहार में वोटर लिस्ट (SIR: Special Intensive Revision) में हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज़ उठाना।

कांग्रेस और राजद (RJD) ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग द्वारा जानबूझकर लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र को खतरा है

बाइक यात्रा से जनसंपर्क की नई रणनीति

इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बाइक पर सवार होकर लोगों के बीच पहुंचे। पूर्णिया, सासाराम, किशनगंज, मधेपुरा और अन्य जिलों में दोनों नेता सड़कों पर उतरे और आम लोगों से सीधा संवाद किया।”जनता के बीच जाना और उनकी आवाज़ सुनना ही असली राजनीति है,” – राहुल गांधी

बाइक रैली के ज़रिए उन्होंने यह भी संदेश दिया कि युवा वोटर्स को जोड़ना उनकी प्राथमिकता है

तेजस्वी यादव का बड़ा बयान: “अगले प्रधानमंत्री राहुल गांधी होंगे”

इस यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव ने मंच से स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी राहुल गांधी को अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखती है। उनका यह बयान न केवल बिहार की राजनीति में हलचल मचा रहा है, बल्कि INDIA गठबंधन की रणनीति को भी स्पष्ट करता है।

“जब भी अगला लोकसभा चुनाव होगा, NDA को हटाकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाएंगे।” – तेजस्वी यादव

क्या है SIR विवाद?

Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है।
लेकिन कांग्रेस और राजद का आरोप है कि इस प्रक्रिया में जानबूझकर विपक्षी मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने इसे “वोट चोरी की साजिश” कहा है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

किसानों और युवाओं से सीधा संवाद

यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने मखाना किसानों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने वादा किया कि अगली सरकार किसानों को उनका हक देगी और बिचौलियों की लूट बंद होगी।

इसके अलावा बेरोजगारी, शिक्षा और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी जनसभाओं में जोर दिया गया।

गठबंधन की एकता का प्रदर्शन

इस यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव ने खुद राहुल गांधी की गाड़ी चलाई। यह दृश्य प्रतीकात्मक था, जो INDIA गठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ‘बड़ा भाई-छोटा भाई’ की तरह का समीकरण अगले चुनावों में NDA के लिए चुनौती बन सकता है।

निष्कर्ष: 2025 चुनाव से पहले माहौल गरम

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यह न केवल एक चुनावी अभियान है, बल्कि एक विचारधारा की लड़ाई भी बन गई है—जहां लोकतंत्र, अधिकार और जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है।

2025 के विधानसभा चुनाव और आगे के लोकसभा चुनावों में यह यात्रा एक निर्णायक भूमिका निभा सकती है

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